पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता (BJP Legislature Party Leader) चुना गया. पार्टी कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई. इसमें बाबूलाल मरांडी को विधायक दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष चुने जाने का ऐलान किया गया. ऐलान के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) ने उन्हें बधाइयां दीं. राष्ट्रीय महामंत्री और पर्यवेक्षक पी मुरलीधर राव ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के आने से पार्टी मजबूत होगी. वहीं पार्टी उपाध्यक्ष ओपी माथुर ने कहा कि बाबूलाल मरांडी कहीं गये नहीं थे. पुराने दोस्त होने के नाते वे घर वापस आये हैं. सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से उनको विधायक दल का नेता चुना है.
विपक्ष ने कसा तंज
जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि सदन के अंदर और बाहर बाबूलाल मरांडी को यह बताना होगा कि स्थानीय नीति के लिए 1932 का खतियान आधार होगा या 1985 के आधार पर रघुवर सरकार फार्मूला. उन्हें भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन, आदिवासी-मूलवासी की जमीन लूट जैसी जनविरोधी नीतियों की जिम्मेदारी लेनी होगी, जिनका कल तक वे विरोध करते थे.
उधर, जमशेदपुर में विधायक सरयू राय ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने बाबूलाल मरांडी के रूप में तारणहार को बुलाया है. लेकिन अब चुनाव पांच साल बाद ही होगा. इस बीच उम्मीद है कि बाबूलाल मरांडी विपक्ष के नेता के तौर पर बेहतर भूमिका निभाएंगे. सरयू राय ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि पांच साल बाद नदी में कितना पानी बचेगा, कहना मुश्किल है.
बाबूलाल मरांडी सर्वसम्मति से चुने गये बीजेपी विधायक दल के नेता